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Sukshm aur Vistar: Manushya ka Swapndosh hi, Prithvi ka Bhukamp hai, Manushya Sukshm hai, Prithvi Vistar hai
Indigo
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Sukshm aur Vistar: Manushya ka Swapndosh hi, Prithvi ka Bhukamp hai, Manushya Sukshm hai, Prithvi Vistar hai
By None
Current price: $1.36


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Size: Kobo eBook
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"""सूक्ष्म और विस्तार""
जैसा की पुस्तक के नाम से जो प्रमुख आभाष हो रहा है कि, एक बिंदु पर सूक्ष्म है और एक बिंदु पर विस्तार है, शिवपुराण क रहस्य है की अच्छाई हो या बुराई आप उसका मूल नष्ट नहीं कर सकते हैं। अगर आप परिश्रृमी और पुरुषार्थी है तो कुछ अंश तक उसको परिवर्तित कर सकते हैं, इसी विषय को माध्यम बनाकर सूक्ष्म और विस्तार में जो भी विषय लेखक को लोकाचार्य में आए या समाज या राष्ट्र में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चारत वर्तमान में रहे, उन पर तत्वज्ञान यानी जिसे हम परादृष्टि ज्ञान भी कहते हैं, उस माध्यम से कहने की कोशिश की गई है, जिसमें प्रमुखता से वायु तत्व की प्रधानता शैली में अपनाई गई है, परादृष्टि ज्ञान के संयोग से कुछ सामाजिक, दांपत्य, राजनीतिक तथा धार्मिक प्रसंगों पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जोकि सनातन धर्म के कथा प्रसंगों का वर्णन है और , सूक्ष्म और विस्तार एक तरह से लेखक की स्वकृति ना होते हुए संकलनकर्ता की भूमिका ही निभाई है। आपका - प्रकाश चन्द्र सेठ"
"""सूक्ष्म और विस्तार""
जैसा की पुस्तक के नाम से जो प्रमुख आभाष हो रहा है कि, एक बिंदु पर सूक्ष्म है और एक बिंदु पर विस्तार है, शिवपुराण क रहस्य है की अच्छाई हो या बुराई आप उसका मूल नष्ट नहीं कर सकते हैं। अगर आप परिश्रृमी और पुरुषार्थी है तो कुछ अंश तक उसको परिवर्तित कर सकते हैं, इसी विषय को माध्यम बनाकर सूक्ष्म और विस्तार में जो भी विषय लेखक को लोकाचार्य में आए या समाज या राष्ट्र में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चारत वर्तमान में रहे, उन पर तत्वज्ञान यानी जिसे हम परादृष्टि ज्ञान भी कहते हैं, उस माध्यम से कहने की कोशिश की गई है, जिसमें प्रमुखता से वायु तत्व की प्रधानता शैली में अपनाई गई है, परादृष्टि ज्ञान के संयोग से कुछ सामाजिक, दांपत्य, राजनीतिक तथा धार्मिक प्रसंगों पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जोकि सनातन धर्म के कथा प्रसंगों का वर्णन है और , सूक्ष्म और विस्तार एक तरह से लेखक की स्वकृति ना होते हुए संकलनकर्ता की भूमिका ही निभाई है। आपका - प्रकाश चन्द्र सेठ"


















